लखनऊ: उत्तर प्रदेश में आयोजित महाकुंभ 2025 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा बल्कि इस आयोजन ने प्रदेश की अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है. 1 अप्रैल 2025 की रिपोर्ट के अनुसार मार्च 2025 में उत्तर प्रदेश में माल और सेवा कर (GST) कलेक्शन ₹10,000 करोड़ तक पहुंच गया, जो पिछले 11 महीनों में सबसे अधिक है. इस वृद्धि का मुख्य कारण महाकुंभ मेला माना जा रहा है, जिसने राज्य की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया.
महाकुंभ का आर्थिक प्रभाव
महाकुंभ के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दिया. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अनुमान जताया था कि इस आयोजन से लगभग ₹2 लाख करोड़ का व्यापार होगा.
GST कलेक्शन में वृद्धि
जनवरी से मार्च 2025 तक, GST कलेक्शन में लगातार वृद्धि देखी गई. विशेषज्ञों के अनुसार, महाकुंभ से जुड़े विभिन्न आर्थिक गतिविधियों जैसे पर्यटन, हॉस्पीटैलिटी, परिवहन और बिजनेस में बढ़ोतरी ने इस संकलन में योगदान दिया.
राष्ट्रीय स्तर पर 1.96 लाख करोड़ तक पहुंचा
राष्ट्रीय स्तर पर मार्च 2025 में कुल GST कलेक्शन ₹1.96 लाख करोड़ तक पहुंच गया, जो मार्च 2024 की तुलना में लगभग 10% अधिक है. यह अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है.
वहीं, मार्च में उत्तर प्रदेश के GST कलेक्शन में हुई वृद्धि प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों में सकारात्मक परिवर्तन को संकेत देती है. महाकुंभ का आयोजन इस वृद्धि में एक महत्वपूर्ण कारक रहा है, लेकिन अन्य आर्थिक गतिविधियाँ भी इस वृद्धि में शामिल हैं. आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या यह वृद्धि स्थायी होती है और राज्य की अर्थव्यवस्था पर इसका दीर्घकालिक प्रभाव क्या होगा.