लखनऊ: लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल को पेश कर दिया गया है. इसको लेकर विपक्ष के अलावा, मुस्लिम धर्मगुरु भी लगातार विरोध के सुर अलाप रहे हैं. अब वक्फ संशोधन बिल के खिलाफ ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्य मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने भी मोर्चा खोल दिया है. तो वहीं संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने बिल का विरोध करते हुए कहा कि इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेंगे.
मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने कहा कि अगर वक्फ संशोधन विधेयक को राज्यसभा में मंजूरी दे दी जाती है तो पर्सनल लॉ बोर्ड कोर्ट जाएगा और बिल को चुनौती देगा. उन्होंने कहा कि ‘हमें उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा क्योंकि हमारा पक्ष संवैधानिक तथ्यों के अनुरूप है’ फरंगी महली ने कहा कि मुस्लिम समाज को उम्मीद थी कि नीतीश कुमार की पार्टी JDU और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी TDP बिल का विरोध करेगी, लकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया.
वहीं, संभल से सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क ने भी बिल का विरोध किया है. उन्होंने कहा- कि ‘हमने इस बिल का विरोध किया है. आने वाले समय में लोग इस इतिहास और बिल को पारित करने के तरीके को माफ नहीं करेंगे. अगर आप किसी खास समुदाय को निशाना बनाएंगे तो देश का विकास नहीं होगा’.
उधर, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने वक्फ संशोधन बिल का समर्थन किया. उन्होंने कहा कि इस बिल के आने से मुसलमानों को फायदा होगा. सपा ने सबसे ज्यादा वक्फ की जमीनों को नुकसान पहुंचाया. सपा के समय में वक्फ मंत्री रहे आजम खान ने सबसे ज्यादा वक्फ की जमीनें हड़पी हैं और अब यही लोग सबसे ज्यादा इसका विरोध कर रहे हैं.
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