लखनऊ: साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को चैत्र अमावस्या के दिन लग रहा है. ये सूर्य ग्रहण आंशिक होगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखाई देगा, इसलिए इसका सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. सूर्यग्रहण की शुरुआत कल दोपहर 2:20 बजे से होगी, जो कि शाम 6:16 मिनट पर खत्म होगा. ये ग्रहण भारत में नहीं दिखने से यहां धार्मिक कार्यों पर कोई बाधा नहीं रहेगी और लोग सामान्य रूप से पूजा-पाठ और दान-दक्षिणा कर सकेंगे.
बता दें कि ग्रहण की शुरुआत से 12 घंटे पहले सूतक काल लग जाता है, भारतीय समयानुसार, इस ग्रहण का सूतक काल 28 मार्च की मध्य रात्रि 2 बजकर 20 मिनट पर लग जाएगा. कल लगने वाला ये आंशिक सूर्य ग्रहण भारत में नजर नहीं आएगा. ऐसे में यहां पर सूतक काल भी मान्य नहीं होगा. इसलिए भारत में सभी तरक के धार्मिक कार्य चलते रहेंगे. इस दिन चैत्र अमावस्या के अवसर पर किए जाने वाले श्राद्ध, तर्पण, पूजन और दान का पुण्य लाभ भी प्राप्त होगा.
ज्योतिषियों का कहना है कि सूर्य ग्रहण के दौरान भोजन करने से बचना चाहिए, क्योंकि ऐसा माना जाता है कि इस समय भोजन में नकारात्मक ऊर्जा समा जाती है. इसलिए ग्रहण शुरू होने से पहले बच्चों को भरपेट खाना खिला दें, ताकि वे ग्रहण के दौरान भूखे न रहें. ग्रहण के दौरान बच्चों को अच्छी तरह से पानी पिलाएं और अगर संभव हो तो जूस या नारियल पानी भी दें, ताकि वे हाइड्रेटेड रहें और इस दौरान उन्हें पानी मांगने की जरूरत न पड़े.
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भारत में ये सूर्य ग्रहण दिखाई नहीं देगा. फिर भी ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक ग्रहण के दौरान मानसिक शांति बनाए रखना, भगवान का स्मरण करना और सकारात्मक कार्यों में मन लगाना शुभ माना जाता है. नए कार्य शुरू करने से बचना चाहिए. ग्रहण समाप्त होने के बाद घर और दफ्तर का शुद्धिकरण करना लाभकारी होगा. यह आंशिक सूर्य ग्रहण उत्तरी अमेरिका, आर्कटिक, ग्रीनलैंड और रूस के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.