शाहजहांपुर: जिले से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां जेंडर बदलकर सरिता से बने शरद ने पिता बनने का सुख प्राप्त किया है. करीब 2 साल पहले सरिता ने अपना जेंडर बदलवाकर महिला से पुरुष बनी थीं. इसके बाद सरिता से बने शरद सिंह को संतान सुख की प्राप्ति हुई है.
एक निजी अस्पताल में शरद की पत्नी ने बेटे को जन्म दिया है. शरद काकोरी ट्रेन कांड से जुड़े क्रांतिकारी रोशन सिंह के परपोते हैं. दो साल पहले वो जेंडर बदलकर महिला से पुरुष बने थे. पहले उनका नाम सरिता सिंह था. विज्ञान के चमत्कार की वजह से ये जोड़ा अब एक बेटे का माता-पिता बन चुका है.
शरद ने बीएड करने के बाद साल 2020 में शिक्षक पात्रता परीक्षा पास की थी. उसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग में उनको अध्यापक की नौकरी मिल गई थी. नौकरी मिलने के बाद महिला से बने शरद ने जेंडर बदलवाने की प्रक्रिया शुरू की थी. थेरेपी के बाद उनके चेहरे पर दाढ़ी-मूंछ आने लगीं. यहां तक कि उनकी आवाज भी भारी हो गई थी.
वहीं, जेंडर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी ने उन्हें खुद पुरूष होने का प्रमाण पत्र भी दिया था. 2 साल पहले शरद ने पीलीभीत की रहने वाली महिला रिश्तेदार सविता सिंह ने विवाह किया था. प्रेगनेंट होने के बाद प्रसव पीड़ा होने पर शरद पत्नी को प्राइवेट अस्पताल लेजाकर में भर्ती कराया था. यहां पर उनकी पत्नी ने उनके बेटे को जन्म दिया. बेटे के जन्म के बाद से परिवार के लोगों मं काफी खुशी है.