लोकसभा में बीते बुधवार को वक्फ संशोधन बिल पास हो गया है. रात 2 बजे हुई वोटिंग में 520 सांसदों ने भाग लिया. जिसमें 288 लोगों ने पक्ष में और 232 ने विपक्ष में वोट डाले. वहीं, आज इस बिल को राज्यसभा में पेश किया जाएगा. मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे ‘यूनीफाइड वक्फ मैनेजमेंट इम्पावरमेंट, एफिशिएंसी एंड डेवलपमेंट’ नाम दिया है.
बता दें कि राज्यसभा में बिल पास होने के बाद, उसे हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को भेजा जाएगा. उनके हस्ताक्षर और गजट नोटिफिकेशन के बाद यह विधेयक कानून बन जाएगा. आइए जानते हैं कि इस विधेयक के पास होने के बाद वक्फ बोर्डों के कामकाज में किस तरह के बदलाव होंगे.
वक्फ संशोधन बिल पास होने के बाद क्या होंगे बदलाव?
विधेयक के अनुसार, देशभर में अलग-अलग बने वक्फ ट्राइब्यूनल्स को मजबूत किया जाएगा. ट्राइब्यूनल्स में जज बनने के लिए एक मानक चयन प्रक्रिया तय की जाएगी. जिसमें विवादों के समाधान के लिए एक समय सीमा तय की जाएगी. वहीं, वक्फ संस्थाओं की ओर से अपनी आय का 7 प्रतिशत वक्फ बोर्डों में योगदान को घटाकर 5 प्रतिशत कर दिया जाएगा.
हर साल करवाना होगा ऑडिट
इसी क्रम में जिन वक्फ संस्थाओं की सालाना आय 1 लाख रुपये से ज्यादा होगी. उन्हें अपने खातों को राज्यों की ओर से तय लेखा परीक्षकों की ओर से ऑडिट करवाना होगा, जिससे पैसों का समुचित प्रबंधन किया जा सके और उसमें कोई घोटाला न हो. साथ ही केंद्र सरकार की ओर से एक केंद्रीकृत पोर्टल बनाया जाएगा. उस पर वक्फ की संपत्तियों का पूरा विवरण दर्ज किया जाएगा. साथ ही उन संपत्तियों का मैनेजमेंट को पारदर्शी व दक्षता से संचालित किया जाएगा.
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