वाराणसी: वाराणसी: ज्ञानवापी में श्रृंगार गौरी मंदिर के आज कपाट खोले गए. परिसर की दीवार पर स्थापित मां श्रृंगार गौरी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी. चैत्र नवरात्रि के चौथे दिन और साल में एक बार ही भक्त मंदिर में दर्शन-पूजन कर सकते हैं. साल 1992 तक मां श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा होती थी, लेकिन बाबरी विध्वंस के बाद यहां पर भी बैरिकेडिंग कर दी गई, जिसके बाद से श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजन बंद पर पाबंदी लगा दी गई थी.
बता दें कि ज्ञानवापी परिसर में मौजूद श्रृंगार गौरी के नियमित दर्शन को लेकर मामला कोर्ट में लंबित है, लेकिन भक्त आज गाजे-बाजे के साथ बड़ी संख्या में माता श्रृंगार गौरी का दर्शन-पूजन करने पहुंचे. वहीं श्रृंगार गौरी के पूजन को लेकर लगातार भक्तों की भारी भीड़ यहां इकट्ठा हुई. ऐसे में कोर्ट में श्रृंगार गौरी मामले को देख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन और विश्वनाथ के मुख्य कार्यपालिका अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा भी वहां मौजूद रहे.
दरअसल, साल 1992 तक मां श्रृंगार गौरी की नियमित पूजा होती थी, लेकिन बाबरी विध्वंस के बाद यहां पर भी बैरिकेडिंग कर दी गई, जिसके बाद से श्रृंगार गौरी का नियमित दर्शन-पूजन बंद पर पाबंदी लगा दी गई. स्थानीय प्रशासन के आदेश के बाद से ही यहां पर दर्शन नहीं हो रहा था. लेकिन साल 2021 में पांच महिलाओं की तरफ से मुकदमा दाखिल किया गया, जिसमें नियमित पूजन की मांग की गई.
वहीं, कोर्ट में श्रृंगार गौरी मामले को देख रहे वरिष्ठ अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन ने कहा कि हमने माता रानी से यही प्रार्थना की है कि हमें नियमित दर्शन-पूजन की अनुमति मिले. हम ये केस जीत जाएं. उन्होंने कहा कि जो विश्वनाथ मंदिर का मूल रूप था, वह भी यहां पर स्थापित हो. वहीं, भक्तों ने कड़ी सुरक्षा के बीच श्रद्धालुओं को प्रवेश कराया गया. विधिवत पूजा के बाद श्रृंगार गौरी मंदिर के टूटे प्राचीन पत्थरों को सिंदूर-चंदन लगाया गया. साथ ही मंत्र पढ़कर मां की आराधना की गई.
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