महाकुंभ नगरी; गंगा यमुना और अदृश्य सरस्वती के पावन तट पर देश और दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले महाकुंभ का कल यानी 26 फरवरी को समापन हो गया. यह महाकुंभ मेला अपने दिव्यता, भव्यता और नव्यता की वजह से पूरे विश्व में चर्चा का विषय बना हुआ है. कुंभ मेले के दौरान इस बार तीन वर्ल्ड रिकॉर्ड मेला प्रशासन और उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से बनाया गया है.
गंगा सफाई को लेकर बना रिकॉर्ड
संगमनगरी प्रयागराज में आयोजित महाकुंभ मेले में विभिन्न घाटों पर एक साथ 329 स्वच्छता कर्मी नदी को साफ करने का काम कर रहे थे. इस सफाई का एक ही उद्देश्य था कि लोग जहां भी हैं, वहां पर नदी को साफ और स्वच्छ रखें. इस एक्टिविटी के माध्यम से कुंभ मेले से देश और दुनिया को यह संदेश देने की कोशिश की गई कि जहां पर भी नदी या पानी के जो भी सोर्स हैं, उसे साफ और स्वच्छ रखें. इस क्रम में एक तरफ जहां कुंभ के इतिहास में सबसे ज्यादा श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई है, तो वहीं दूसरी तरफ एक साथ सफाई करके वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया गया है.
हैंड पेंडिंग में बना रिकॉर्ड
महाकुंभ मेले के दौरान दूसरा वर्ल्ड रिकॉर्ड हैंड पेंटिंग को लेकर बना है. जहां 10,102 लोगों ने एक साथ पेंडिंग की. यह पेंटिंग लोगों द्वारा एक सामूहिक प्रयास था. जिसमें लोगों ने अपना कौशल दिखाया. इससे पहले ये रिकॉर्ड 7,660 लोगों का था.
झाड़ू लगाने को लेकर बना रिकॉर्ड
वहीं, तीसरा रिकॉर्ड महाकुंभ में झाड़ू लगाने को लेकर बनाया गया है. कुंभ में झाड़ू लगाने के अभियान ने एक मील का पत्थर स्थापित किया है. महाकुंभ में 19,000 लोगों ने एक साथ झाड़ू लगाकर मेला क्षेत्र की सफाई अभियान को गति दी. जिसके बाद यह गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बना गया. इससे पहले ये रिकॉर्ड 10,000 लोगों का था.
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