अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस भाषाई और सांस्कृतिक विविधता को प्रोत्साहित करने लिए समर्पित है…अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस हमें यह याद दिलाता है कि ‘भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान, संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा है’..इस दिवस की शुरुआत बांग्लादेश की पहल से हुई थी…जब भारत को 1947 में ब्रिटिश शासन से स्वतंत्रता मिली, तो उपमहाद्वीप का विभाजन हुआ, जिससे एक अलग मुस्लिम राष्ट्र, पाकिस्तान, बना…बंगाली को आधिकारिक भाषा का दर्जा दिलाने के लिए प्रदर्शन हुआ..जिसमें चार छात्रों की मौत हो गई…उनके बलिदान को सम्मान देने के लिए यह दिन मनाया जाने लगा…