लखनऊ: सनातनी आस्था के प्रमुख केंद्र महाकुंभ को लेकर विपक्षी नेताओं की बेतुकी बयानबाजी लगातार जारी है. बीते मंगलवार को विधानसभा में बोलते हुए बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने महाकुंभ को मृत्युकुंभ कहा था. जिसको लेकर उनकी आलोचना हो रही है. वहीं, अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम ममता बनर्जी के बयान का समर्थन किया है. उन्होंने कि बंगाल की मुख्यमंत्री ने जो कहा है, वह ठीक ही कहा है.
बता दें कि पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र जारी है. इसी क्रम में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बीते मंगलवार को सदन को संबोधित करने पहुंचीं थीं. इस दौरान उन्होंने महाकुंभ की तुलना मृत्युकुंभ से कर डाली. जिसके बाद भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया. सीएम ममता के बयान पर पलटवार करते हुए नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि यह बयान शर्मनाक, निंदनीय और अपमानजनक है.
शुभेंदु अधिकारी ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि ममता बनर्जी को 144 साल बाद हो रहे पवित्र महाकुंभ आयोजन के बारे में कोई जानकारी नहीं है. न तो वह हिंदू परंपराओं का सम्मान करती हैं और न ही वह सनातनी आस्था और विश्वास के महत्व को समझती हैं. अधिकारी ने कहा कि अबतक 50 करोड़ से अधिक लोग संगम में पवित्र डुबकी लगाने के लिए प्रयागराज पहुंचे हैं.
ममता बनर्जी ने अपने भाषण में कहा कि महाकुंभ में एक लाख रुपये खर्च कर, अमीर लोग वीआईपी तंबू किराए पर ले रहे हैं. जबकि गरीबों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है. इसका जबाव देते हुए शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि मैं सीएम ममता बनर्जी को बता दूं कि महाकुंभ मेले में पहुंचने के बाद गरीबों को भोजन और आश्रय के लिए एक पैसा भी खर्च नहीं करना पड़ता है. सरकार, अखाड़े और विभिन्न आश्रमों में उनके रुकने और भोजन की निशुल्क व्यवस्था की जा रही है. 24 घंटे भंडारे आयोजित हो रहे हैं, जहां भक्तों को मुफ्त में प्रसाद वितरित किया जा रहा है.
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ममता बनर्जी के बयान पर हमला बोलते हुए अधिकारी ने कहा कि उनका यह वक्तव्य सनातन परंपराओं का अपमान ही नहीं, बल्कि विभाजनकारी भी है. उन्हें पता होना चाहिए कि इस बार पश्चिम बंगाल से रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालु महाकुंभ मेले में आए हैं. लोग अभी भी आ रहे हैं.