Uttar Pradesh: अयोध्या
में रामजन्म भूमि पर नवनिर्मित मंदिर में 22 जनवरी को रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा होगी।
प्राण-प्रतिष्ठा होने में मात्र 11 दिन
शेष बचे हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अयोध्या में एक मात्र ऐसा स्थान भी है,
जहां पर राम और लक्ष्मण जी की मूर्ति नहीं है बल्कि, भरत-शत्रुघ्न की मूर्तियां
रखी गई हैं।
इस
समय देश ही नही विदेशों में भी श्रीराम जी की अयोध्या नगरी की धूम मची हुई है। हर
तरफ़ प्रुभ श्री राम नाम की चर्चा हो रही है। अयोध्या नगरी के गुणगान किए जा रहे
हैं। इस बीच हम आपको बताते हैं कि राम के नाम से विश्वविख्यात अयोध्या में एक ऐसा
स्थान भी है, जहां पर प्रभु राम और लक्ष्मण जी की मूर्ति नही है। दरअसल, वह स्थान
राजा दशरथ का अंत्येष्टि स्थल है। जो कि अयोध्या-आज़मगढ़ रोड पर पूरा बाजार
क्षेत्र में स्थित है और अयोध्या से इस स्थान की दूरी 12 किलोमीटर है। यहां पर राम और लक्ष्मण
की मूर्ति नहीं है, बल्कि भरत और शत्रुध्न की मूर्ति विराजमान है और यहां पर भरत और शत्रुघ्न की पूजा की
जाती है।
जानिए किस वजह से
हुआ ऐसा
गौरतलब
है कि जब राजा दशरथ का अंतिम संस्कार किया जा रहा था, उस समय उनके दोनों पुत्र राम-लक्ष्मण
और पुत्रवधु सीता 14 वर्षों के लिए वनवास में थे। पुत्र-वियोग में पिता दशरथ के
प्राण चले गए थे। भरत और शत्रुघ्न ने ही राजा दशरथ का अंतिम संस्कार किया था, इसलिए
अयोध्या-आज़मगढ़ रोड पर पूरा बाजार में स्थित मंदिर में एक स्माधि स्थल बनी है, इस स्माधि स्थल के दोनों तरफ भरत और
शत्रुघ्न की ही मूर्तियां स्थापित हैं। इस मंदिर में प्रभु राम की मूर्ति
नहीं है, हालांकि दशरथ के चारों पुत्र की चरण पादुकाएं यहां रखी हैं। इसके
अलावा इस मंदिर में प्रभु राम की वंशावली भी रखी है।
मोहम्मद जावेद ने हिंदू मंदिरों को लेकर की अमर्यादित टिप्पणी, विहिप के नेताओं ने जताई नाराजगी, थाने में दी तहरीर