लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने शहरी गरीब बस्तियों के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में 250 से ज्यादा विकास परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं, जिनमें कुल 20.88 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है. यह प्रोजेक्ट्स ‘मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना’ के तहत संचालित होंगे. इसका उद्देश्य शहरी इलाकों में रह रहे गरीबों की बस्तियों में बुनियादी सुविधाएं पहुंचाना है.
सड़कें, नालियां और रोशनी में होगा सुधार
इन परियोजनाओं का मुख्य उद्देश्य शहरी गरीब बस्तियों में बेहतर सड़कें, नालियां और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाना है. इससे इन क्षेत्रों में रह रहे लोगों को बेहतर जीवन स्तर मिलेगा. सरकार का दावा है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से इन बस्तियों में रहने वालों की स्थिति में बड़ा सुधार होगा और उन्हें बेहतर सुविधाएं मिलेंगी.
इंफ्रास्ट्रक्चर को पर्यावरण के अनुकूल रखा जाएगा
अब इन बस्तियों में न केवल बेहतर बुनियादी सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि निरंतर विकास करने की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे. इस योजना में खास ध्यान इस बात पर दिया गया है कि इंफ्रास्ट्रक्चर को पर्यावरण के अनुकूल रखा जाए, ताकि शहरीकरण के साथ-साथ पर्यावरण पर भी कोई प्रतिकूल असर न पड़े.
समाज के हर वर्ग के लिए समान अवसर बनेंगे
इस योजना में एक और महत्वपूर्ण पहलू है, वो है महिलाओं और हर वर्ग के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना. इन परियोजनाओं में जेंडर-न्यूट्रल सुविधाओं और सार्वजनिक सुविधाओं तक समान पहुंच की व्यवस्था की जाएगी. इससे यह सुनिश्चित होगा कि विकास का लाभ समाज के सभी वर्ग तक पहुंचे. चाहे वो महिला, पुरुष या किसी अन्य वर्ग का हो.
स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा
सरकार की इस योजना का एक और लाभ यह है कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा देगी. नए विकास कार्यों से रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, और स्थानीय लोग भी इन कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लेंगे. इसके साथ ही, इस निवेश से छोटे व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा, जिससे स्थानीय क्षेत्र में आर्थिक वृद्धि भी होगी.
प्रोजेक्ट्स की निगरानी के साथ होगी पारदर्शिता
मुख्यमंत्री नगरीय अल्प विकसित मलिन बस्ती विकास योजना के तहत संचालित होने वाले प्रोजेक्ट्स की सफलता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं. स्थानीय स्व-सरकारी निकायों के अधिकारी इन प्रोजेक्ट्स की नियमित रूप से निगरानी करेंगे और काम के प्रगति की समय-समय पर समीक्षा करेंगे. इससे यह सुनिश्चित होगा कि ये प्रोजेक्ट्स समय पर पूरी हों और गुणवत्ता में भी उच्च मानकों को बनाए रखा जाए.
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