बरेली; ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने उत्तराखंड में यूसीसी लागू किए जाने के फैसले पर एक बयान दिया है. शहाबुद्दीन रजवी ने यूसीसी को एकतरफा बताया और कहा कि अगर शरीयत के खिलाफ होगा तो मुसलमान यूसीसी को मानने के लिए बाध्य नहीं होगा.
बता दें कि उत्तराखंड आज यानी 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) लागू करने वाला आजाद भारत का पहला राज्य बनने जा रहा है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में तीन वर्षों की लगातार मेहनत और प्रक्रिया के बाद यह कानून अब मूर्त रूप लेने जा रहा है.
वहीं, यूसीसी लागू किए जाने पर ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने एक प्रतिक्रिया दी है. मौलाना ने कहा कि मुसलमान कानून पर अमल करता है और उसका सम्मान भी करता है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में आज से लागू किए जाने वाले यूसीसी का अगर शरीयत से कोई टकराव व उसके उसूलों के खिलाफ नहीं है तो मुसलमान यूसीसी पर अमल करेगा. लेकिन, अगर शरीयत के खिलाफ होगा तो मुसलमान यूसीसी पर अमल करने पर बाध्य व मजबूर नहीं होगा.
इसी कड़ी में मौलाना शाहबुद्दीन रजवी ने कहा उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी देश में हिंदुत्व के अलंबरदार (प्रचारक) बनना चाहते हैं. यूसीसी कानून को लागू किया जाने का फैसला उनका एकतरफा है और यह गलत है.
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जबकि, सभी समुदाय से राय लेनी चाहिए थी. उनके द्वारा बनाई गई कमेटी ने सभी समुदाय से राय मशविरा नहीं लिया. खास तौर पर मुसलमानों से दूरी बनाए रखी गई. इसलिए ये फैसला एकतरफा है.